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शरीर ही हमारा मंदिर हैस्वास्थ्य, समृद्धि, शांति और आनन्द

अपने भीतर लौटने, सजग जीवन जीने और शरीर, विचार, भाव तथा चेतना को समझने की एक व्यावहारिक यात्रा।

पूज्य परम आनन्द जी हेडसेट माइक लगाए प्रवचन देते हुए

पूज्य परम आनन्द जी

अगला शिविर

१–८ नवंबर २०२६

सामुदायिक भवन, मालवीय नगर, जयपुर

पूज्य परम आनन्द जी के दैनिक सत्र से जुड़ें

नियमित मार्गदर्शन और सत्संग के लिए हर दिन इसी Zoom लिंक का उपयोग करें।

  • व्यायाम सत्रसुबह 5:30-6:40प्रतिदिन
  • प्रश्न उत्तर सत्रसुबह 6:40-7:40सोमवार से गुरुवार
  • आयुर्वेद सत्रशाम 6:00-7:00केवल गुरुवार
  • जिन खोजा तिन पाइयाशाम 6:00-7:00शुक्रवार और शनिवार
  • श्रीमद् भागवत गीतारात 8:00-9:00सोमवार से शनिवार
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शिविर कैलेंडर

आगामी शिविर

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आगामी शिविर

  • जयपुर में आयोजित शिविर के प्रतिभागी
    जल्द अपडेट होगा

    युवा शिविर

    युवा शिविर

    तिथि और स्थान जल्द अपडेट होंगे।

  • ऋषिकेश में आयोजित शिविर के प्रतिभागी
    जल्द अपडेट होगा

    चेतना जागृति शिविर

    शरीर की भागवत

    तिथि और स्थान जल्द अपडेट होंगे।

  • बीकानेर में आयोजित शिविर के प्रतिभागी
    जल्द अपडेट होगा

    चेतना जागृति शिविर

    खुला शिविर

    तिथि और स्थान जल्द अपडेट होंगे।

पिछले शिविर

हाल में सम्पन्न शिविरों की एक झलक। तिथियाँ फाउंडेशन की साझा की गई सामग्री से ली गई हैं।

  • ५–१२ अप्रैल २०२६

    चेतना जागृति शिविर

    शरीर की भागवत

    श्री गंगानगर · श्री माहेश्वरी भवन

    सम्पन्न
  • १८–२८ मार्च २०२६

    ध्यान शिविर

    नवरात्रि साधना शिविर

    ऋषिकेश · श्री माँ कात्यायनी मंदिर

    सम्पन्न
  • १०–२१ अक्टूबर २०२६

    ध्यान शिविर

    नवरात्रि साधना शिविर

    ऋषिकेश · ग़रीबदासीय आश्रम (अवधूत बाड़ा), शीशम की झाड़ी, मुनि की रेती

    सम्पन्न
पूज्य परम आनन्द जी प्रातःकाल छत पर ध्यानस्थ बैठे हुए

विधि

सरल और संतुलित दिनचर्या

भोजन, विश्राम, गति और सजगता को ऐसी दिनचर्या में जोड़ना जिसे घर पर भी निभाया जा सके।

“शरीर ही हमारा मंदिर है, इसे समझें और स्वस्थ रखें।”

पूज्य परम आनन्द जी
पूरी विधि पढ़ें

अब तक

एक निरंतर चलती साधना

वर्षों की साधना
40+वर्षों की साधना
शिविर सम्पन्न
250+शिविर सम्पन्न
शिविरार्थी
18,000+शिविरार्थी
सम्पन्न जीवन की दिशाएँ
4सम्पन्न जीवन की दिशाएँ

अनुभव

शिविर से लौटे लोगों के शब्द

ये व्यक्तिगत अनुभव हैं। परिणाम हर व्यक्ति में भिन्न होते हैं।

  • सात दिन में सबसे बड़ा अंतर यह आया कि सुबह उठते ही भारीपन नहीं रहता। खाने का समय बदला, और नींद अपने आप सुधर गई।
    सुनीता अग्रवाल५२ · श्री गंगानगरव्यक्तिगत अनुभव; परिणाम भिन्न हो सकते हैं
  • सरल दिनचर्या ने मुझे दिखाया कि मेरे पास समय की कमी नहीं थी, प्राथमिकताओं की स्पष्टता कम थी। घर लौटकर काम और परिवार दोनों के लिए अधिक जगह बनी।
    रमेश कुमार५८ · हनुमानगढ़व्यक्तिगत अनुभव; परिणाम भिन्न हो सकते हैं
  • मौन के छोटे अंतराल मेरे लिए सबसे उपयोगी रहे। अब किसी कठिन बात का उत्तर देने से पहले कुछ क्षण रुकना स्वाभाविक होने लगा है।
    महेन्द्र सिंगल४७ · बीकानेरव्यक्तिगत अनुभव; परिणाम भिन्न हो सकते हैं
  • भजन, सेवा और साथ बैठकर भोजन करने में जो सहज आनंद मिला, वही मेरे लिए शिविर की सबसे सुंदर स्मृति है।
    कमला देवी६१ · जयपुरव्यक्तिगत अनुभव; परिणाम भिन्न हो सकते हैं
  • सुबह की सहज गति, समय पर भोजन और जल्दी विश्राम का क्रम घर पर भी निभ सका। सबसे बड़ा लाभ यह था कि दिन बिखरा हुआ नहीं लगा।
    ओमप्रकाश डूडी६४ · श्री गंगानगरव्यक्तिगत अनुभव; परिणाम भिन्न हो सकते हैं
  • आश्रम में गंगा किनारे के सात दिन — मौन, प्राणायाम और सादा भोजन। मन का बोझ भी उतरा।
    प्रीति शर्मा३९ · दिल्लीव्यक्तिगत अनुभव; परिणाम भिन्न हो सकते हैं

संस्थापक

पूज्य परम आनन्द जी

पूज्य परम आनन्द जी वृक्षों के बीच हाथ जोड़े, ऊपर की ओर देखते हुए

पूज्य परम आनन्द जी चार दशकों से भोजन, दिनचर्या और सजगता के माध्यम से शरीर के साथ सहयोग करने की बात कह रहे हैं। उनका मार्गदर्शन छोटे, नियमित और व्यावहारिक बदलावों पर केंद्रित है।

उनका शिविर केवल उपदेश नहीं देता। वह सात दिन तक एक दिनचर्या जीकर दिखाता है, ताकि लौटने के बाद व्यक्ति स्वयं उसे निभा सके।

संस्थापक के विषय में

शिविर का एक दिन

सात दिन, घंटे-दर-घंटे

शिविर में आने से पहले सबसे बड़ा प्रश्न यही होता है: वहाँ होगा क्या? पूरा दिनक्रम यहाँ है।

शरीर की वर्तमान स्थिति समझना

  1. 15:00पंजीकरण, कक्ष आवंटन
  2. 17:00परिचय और व्यक्तिगत संकल्प
  3. 18:30पूज्य परम आनन्द जी के साथ उद्घाटन सत्संग
  4. 20:00हल्का भोजन, विश्राम

शेष ४ दिन शिविर पृष्ठ पर

शंका समाधान

जो प्रश्न सबसे पहले मन में आते हैं

सहयोग

फाउंडेशन के कार्य में सहयोग

स्वैच्छिक योगदान सेवा, अध्ययन सामग्री और सामुदायिक कार्य में उपयोग होता है। यह लागू शिविर शुल्क से अलग है।

सुझाई गई राशि

  • ₹१,१००
  • ₹२,१००
  • ₹५,१००
  • ₹११,०००
  • अन्य राशि

वही राशि चुनें जो आपके लिए सहज हो। सहयोग पूर्णतः स्वैच्छिक है।

जानें सहयोग कहाँ लगता है

आपका सहयोग किसमें लगता है

  • सेवा कार्यअन्नदान, पौधारोपण और सामुदायिक पहल
  • ऑनलाइन सत्रनियमित मार्गदर्शन और डिजिटल आयोजन
  • अध्ययन सामग्रीपुस्तिकाएँ, लेख और साधना सामग्री
  • सामुदायिक आयोजनसत्संग, खुले कार्यक्रम और संचालन व्यय

व्हाट्सएप पर सीधे बात कीजिए

पंजीकरण या तिथि सम्बन्धी किसी भी प्रश्न के लिए हमें व्हाट्सएप कीजिए, या शिविर समूह से जुड़िए जहाँ नए शिविर की सूचना सबसे पहले आती है।

नए शिविर की सूचना पाइए

जब भी आपके नगर के निकट कोई शिविर घोषित हो, आपको सबसे पहले पता चले।

स्वास्थ्य सम्बन्धी सूचना

फाउंडेशन भोजन, दिनचर्या, गति और साधना के माध्यम से सामान्य स्वास्थ्य मार्गदर्शन देता है। यह निदान या चिकित्सकीय उपचार नहीं है और चिकित्सा का विकल्प नहीं है। व्यक्तिगत चिकित्सा निर्णय के लिए योग्य विशेषज्ञ से परामर्श लें और निर्धारित देखभाल जारी रखें।