
नवरात्रि साधना शिविर
- तिथि
- १०–२१ अक्टूबर २०२६
- स्थान
- ग़रीबदासीय आश्रम (अवधूत बाड़ा), शीशम की झाड़ी, मुनि की रेती, ऋषिकेश
सम्पन्न जीवन
Health
स्वास्थ्य हमारे लिए केवल असुविधा का अभाव नहीं है। यह भोजन, विश्राम, गति और सजगता के बीच ऐसा संतुलन है जो जीवन को ऊर्जा और स्थिरता देता है।
शिविर में शरीर को बदलने की वस्तु नहीं, समझने योग्य साथी माना जाता है। नियमित समय पर भोजन, पर्याप्त विश्राम और सहज गति से शुरुआत होती है।
छोटे नियम तभी उपयोगी हैं जब वे घर लौटने के बाद भी निभ सकें। इसलिए अभ्यास सरल, व्यावहारिक और दैनिक जीवन के अनुकूल रखे जाते हैं।
सात दिन आपको धीमा होकर अपनी आदतों को देखने का अवसर देते हैं। उद्देश्य किसी त्वरित परिणाम का पीछा करना नहीं, बल्कि टिकने वाली लय बनाना है।
आप अपने साथ ऐसे अभ्यास लेकर लौटते हैं जिन्हें परिवार, काम और यात्रा के बीच भी अपनाया जा सके।
अनुभव
ये व्यक्तिगत अनुभव हैं। परिणाम हर व्यक्ति में भिन्न होते हैं।
सात दिन में सबसे बड़ा अंतर यह आया कि सुबह उठते ही भारीपन नहीं रहता। खाने का समय बदला, और नींद अपने आप सुधर गई।
सुबह की सहज गति, समय पर भोजन और जल्दी विश्राम का क्रम घर पर भी निभ सका। सबसे बड़ा लाभ यह था कि दिन बिखरा हुआ नहीं लगा।
शिविर कैलेंडर
तिथि, नगर, स्थान और शेष स्थान, सब कुछ पहले से स्पष्ट। पोस्टर का इंतज़ार नहीं।




हाल में सम्पन्न शिविरों की एक झलक। तिथियाँ फाउंडेशन की साझा की गई सामग्री से ली गई हैं।
५–१२ अप्रैल २०२६
श्री गंगानगर · श्री माहेश्वरी भवन
१८–२८ मार्च २०२६
ऋषिकेश · श्री माँ कात्यायनी मंदिर
७–१७ मार्च २०२६
ऋषिकेश · ऋषिकेश
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ज्ञान

क्या खाना है इस पर हज़ार सलाहें मिलती हैं। कब खाना है, इस पर लगभग कोई नहीं बोलता — जबकि शरीर पर उसका असर अधिक है।
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शंका समाधान