
स्वमिलन साधना
परिचय
स्वमिलन साधना शरीर, मन, भावनाओं और अंतर्मन के प्रति जागरूकता के माध्यम से स्वस्थ, शांतिपूर्ण और सजग जीवन की यात्रा है।
फाउंडेशन क्या करता है
स्वमिलन साधना फाउंडेशन का काम एक वाक्य में कहा जा सकता है — लोगों को यह सिखाना कि अपने शरीर को कैसे पढ़ें, और आहार तथा दिनचर्या से उसका ध्यान कैसे रखें।
यह न योग केंद्र है, न ध्यान संस्थान। यह एक प्राकृतिक चिकित्सा और चिकित्सकीय आहार का कार्य है, जिसका केंद्रबिंदु सात दिवसीय आवासीय शिविर है — शरीर की भागवत।
शिविर अलग-अलग नगरों में आयोजित होते हैं। ऋषिकेश के आवासीय कार्यक्रम ग़रीबदासीय आश्रम (अवधूत बाड़ा), शीशम की झाड़ी, मुनि की रेती में होते हैं।
सेवा का दूसरा हिस्सा
शिविर के बाहर फाउंडेशन अन्नदान, पौधारोपण और सामुदायिक स्वास्थ्य सत्संग में लगा रहता है। अतिथियों को तुलसी और नीम के पौधे भेंट करना हर आयोजन का हिस्सा है।
अप्रैल २०२६ में अन्तर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन, श्री गंगानगर द्वारा पूज्य परम आनन्द जी को सम्मानित किया गया।
अब तक
एक निरंतर चलती साधना
- वर्षों की साधना
- 40+वर्षों की साधना
- शिविर सम्पन्न
- 250+शिविर सम्पन्न
- शिविरार्थी
- 18,000+शिविरार्थी
- सम्पन्न जीवन की दिशाएँ
- 4सम्पन्न जीवन की दिशाएँ
संस्थापक
पूज्य परम आनन्द जी

पूज्य परम आनन्द जी चार दशकों से भोजन, दिनचर्या और सजगता के माध्यम से शरीर के साथ सहयोग करने की बात कह रहे हैं। उनका मार्गदर्शन छोटे, नियमित और व्यावहारिक बदलावों पर केंद्रित है।
उनका शिविर केवल उपदेश नहीं देता। वह सात दिन तक एक दिनचर्या जीकर दिखाता है, ताकि लौटने के बाद व्यक्ति स्वयं उसे निभा सके।
फाउंडेशन के दस्तावेज़
फाउंडेशन के निगमन प्रपत्र, घोषित उद्देश्य और शासन नियम पढ़ें।
PDF, ५ पृष्ठ, 1.1 MB
ई-मेमोरेंडम ऑफ़ एसोसिएशन (INC-13)
फाउंडेशन के उद्देश्य, आय के गैर-लाभकारी उपयोग और अभिदाताओं का विवरण।
PDF, ९ पृष्ठ, 231 KB
ई-आर्टिकल्स ऑफ़ एसोसिएशन (INC-31)
सदस्यता, बैठकों, मतदान और निदेशक मंडल से जुड़े शासन नियम।
शिविर और सत्संग की झलकियाँ
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