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विधि

उपवास का विज्ञान

उपवास परंपरा में भी है और शरीर-विज्ञान में भी। दोनों एक ही बात कहते हैं — पाचन तंत्र को अंतराल चाहिए।

३० जुलाई २०२६ मिनट

उपवास का विज्ञान

अंतराल का अर्थ

जब भोजन लगातार आता रहता है तो शरीर की ऊर्जा पाचन में ही लगी रहती है। उपवास वह अवधि है जिसमें वह ऊर्जा मरम्मत की ओर मुड़ती है।

इसीलिए उपवास के दिन विश्राम और मौन रखा जाता है। यदि उस दिन भी दौड़-भाग चलती रहे तो उपवास का उद्देश्य अधूरा रह जाता है।

सावधानी

उपवास हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं है। गर्भवती महिलाएँ, इंसुलिन लेने वाले, तथा अत्यधिक दुर्बलता की स्थिति में उपवास चिकित्सकीय निगरानी के बिना नहीं किया जाना चाहिए।