
विधि
दिनचर्या
शरीर लय पर चलता है। लय टूटती है तो सब कुछ टूटता है।
दिन का ढाँचा
सूर्योदय से पूर्व जागरण, उषःपान, प्राणायाम, फिर दिन का पहला आहार। दोपहर का भोजन सबसे भारी, रात्रि का सबसे हल्का। सूर्यास्त के बाद उत्तेजक पदार्थ नहीं। निश्चित समय पर निद्रा।
यह ढाँचा नया नहीं है — यह वही है जिस पर पीढ़ियाँ चलती रही हैं। शिविर उसे केवल फिर से याद दिलाता है।
स्वास्थ्य सम्बन्धी सूचना
यह सामान्य स्वास्थ्य मार्गदर्शन है, निदान या चिकित्सकीय उपचार नहीं।
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